खैरागढ़। जिला पुलिस केसीजी द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। पुलिस ने जहां 87 शराबी वाहन चालकों पर कार्रवाई कर 9.65 लाख रुपए का जुर्माना लगवाया, वहीं कुल 665 प्रकरणों में 2.14 लाख रुपए का समन शुल्क वसूला गया है।कार्रवाई के तहत तीन सवारी, बिना हेलमेट, बिना नंबर, सीट बेल्ट और मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने जैसे मामलों में बड़ी संख्या में चालान किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और नियम तोड़ने वालों पर सख्ती बरती जा रही है।लेकिन दूसरी ओर, आम जनता के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ छोटे वाहनों तक ही सीमित है? शहर और हाईवे पर खुलेआम दौड़ रहे ओवरलोड 10-चक्का और भारी मालवाहक वाहन न सिर्फ यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई छोटे वाहन चालकों जैसे बाइक और कार चालकों पर ज्यादा केंद्रित है, जबकि बड़े और प्रभावशाली परिवहन वाहनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे यह भी चर्चा है कि कहीं न कहीं कार्रवाई में असंतुलन नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि अगर वास्तव में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है, तो छोटे-बड़े सभी वाहनों पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। खासकर ओवरलोड वाहनों पर सख्ती बेहद जरूरी है, जो सड़कों के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। फिलहाल पुलिस ने कार्रवाई जारी रखने की बात कही है लेकिन अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या भारी वाहनों पर भी उतनी ही सख्ती दिखाई जाएगी या नहीं।
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