खैरागढ़। जिले खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के ग्राम पंचायत सर्रागोंदी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था की मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां पदस्थ एक महिला शिक्षिका पर पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करने, धमकी देने और मासूम बच्चों को विवाद में घसीटने के आरोप लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे दैनिक सरस्वती संकेत’ के संपादक राजेंद्र सिंह चंदेल विद्यालय निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पाया कि स्कूल के बाहर ग्रामीण पेड़ों के नीचे बैठे थे और भीतर कक्षा में पढ़ाई के बजाय शिक्षिका मोबाइल में व्यस्त थीं। जब पत्रकार ने शालीनता से विद्यालय की स्थिति और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर जानकारी मांगी तो शिक्षिका भड़क उठीं। आरोप है कि उन्होंने अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए कहा मैं महिला हूं चप्पल से मारूंगी,तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई यहां आने की।इस घटना से वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। मामले का सबसे चिंताजनक पहलू तब सामने आया, जब शिक्षिका ने अपनी गलती छिपाने के लिए छोटे-छोटे बच्चों को इकट्ठा कर उन्हें पत्रकार के खिलाफ बोलने और कैमरे के सामने शोर मचाने के लिए उकसाया। इस घटना ने विद्यालय के अनुशासन और नैतिक वातावरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्यप्रणाली से बच्चों के मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और अभिभावकों का भरोसा भी डगमगाता है। इस संबंध में संपादक राजेंद्र सिंह चंदेल ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी खैरागढ़ को लिखित शिकायत सौंपते हुए दोषी शिक्षिका के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, विद्यालय का औचक निरीक्षण और बच्चों को मानसिक शोषण से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।इधर जिला पत्रकार संघ ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौर ने इसे बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो संघ उग्र आंदोलन करेगा। फिलहाल इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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