खैरागढ़। नगर पालिका परिषद खैरागढ़ में 15वें वित्त आयोग की राशि से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए की गई ₹1.31 करोड़ की खरीदी अब विवादों के घेरे में आ गई है। विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अवर सचिव एवं संचालक रायपुर को लिखित शिकायत भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से खरीदे गए हाथ रिक्शा, ई-रिक्शा, ट्विन बिन मिनी टिप्पर, हाइड्रोलिक ट्रॉली और स्काई लिफ्ट मशीन की खरीदी में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। दावा किया गया है कि लाखों रुपये खर्च कर खरीदे गए हाथ रिक्शा और ई-रिक्शा महज दो महीने के भीतर ही खराब होने लगे, जिससे स्वच्छता दीदियों के कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ा है और शहर की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।शिकायत में स्काई लिफ्ट मशीन की खरीदी को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि मशीन की तकनीकी स्पेसिफिकेशन का समुचित परीक्षण किए बिना ही सप्लाई स्वीकार की गई और भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि मशीन की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक संबंधित भुगतान पर रोक लगाई जाए। मनराखन देवांगन ने बताया कि इस मामले की शिकायत 8 जुलाई 2026 को कलेक्टर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से भी की गई थी लेकिन अब उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत एवं खैरागढ़ विधायक यशोदा नीलाम्बर वर्मा से भी चर्चा कर जानकारी दी गई। शिकायत के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष अरुण भारद्वाज, नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष एवं पार्षद दीपक देवांगन, शहर कांग्रेस महामंत्री शेखर दास वैष्णव सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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