खैरागढ। कोटवार नियुक्ति में नियमों की अनदेखी और ड्यूटी व्यवस्था से नाराज कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ जिला इकाई ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संघ का आरोप है कि कोटवार परिवार के वंशजों की जगह गैर-वंशजों को नियुक्त किया जा रहा है। कभी नियुक्ति अस्थायी तो कभी स्थायी किए जाने से कोटवारों में आक्रोश है। तहसील कार्यालयों द्वारा शासन के निर्देशों के बावजूद प्रतिदिन कहीं भी कोटवारों की ड्यूटी लगाए जाने का भी संघ ने विरोध किया है। संघ जिलाध्यक्ष बिरेश कुमार मेश्राम ने 1959 की धारा 230 का हवाला देते हुए कहा कि कोटवार पद पर नियमानुसार वंशज को ही नियुक्ति मिलनी चाहिए। उन्होंने छुईखदान तहसील के दल्लीखोली का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि लकवाग्रस्त कोटवार के पुत्र को तत्कालीन तहसीलदार मनीषा देवांगन ने नियुक्ति दी थी, लेकिन बाद में विपक्षी की नियुक्ति कर दी गई। संघ ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए जांच की मांग की है। 25 अगस्त को कोटवार तहसील धरना स्थल से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। कोटवारों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।
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