
खैरागढ़। ग्राम देवरी में 48 एकड़ निजी भूमि पर बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई के मामले में समाचार प्रकाशित होने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया। मुख्य वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत के निर्देश पर वन परिक्षेत्र अधिकारी रमेश टंडन के नेतृत्व में विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान करीब 2 एकड़ क्षेत्र में 100 से अधिक पेड़ों की कटाई होने की पुष्टि हुई है।
वन विभाग की जांच में सामने आया कि ग्राम देवरी के खसरा नंबर 126/1, 126/2, 126/3 एवं 126/4 की कुल लगभग 48 एकड़ निजी भूमि पर वृक्षों की कटाई की गई है। भूमि अभिलेखों के अनुसार खसरा नंबर 126/1 के भूमिस्वामी रूपेश चंद्राकर एवं प्रतिभा चंद्राकर, खसरा नंबर 126/2 की भूमिस्वामी प्रमिला चंद्राकर, खसरा नंबर 126/3 के भूमिस्वामी सोमनाथ चंद्राकर एवं तनुजा चंद्राकर तथा खसरा नंबर 126/4 के भूमिस्वामी कमला चंद्राकर, रवींद्र कुमार चंद्राकर एवं राकेश कुमार चंद्राकर हैं। सभी भूमि लगभग 12-12 एकड़ के हिस्सों में एक ही परिवार से जुड़े लोगों के नाम पर दर्ज है। निरीक्षण के बाद वन विभाग ने पंचनामा तैयार कर अपनी जांच रिपोर्ट आगे की

कार्रवाई के लिए राजस्व विभाग को सौंप दी है। चूंकि मामला निजी भूमि पर वृक्ष कटाई से संबंधित है, इसलिए अब कार्रवाई की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की होगी। जानकारी के अनुसार इस संबंध में राजस्व विभाग को लिखित शिकायत भी दी गई है। जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर देवरी में इतने बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई सामने आने के बाद पर्यावरण संरक्षण और विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। अब निगाहें राजस्व विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि जांच रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर दोषियों के खिलाफ कब तक कदम उठाए जाते हैं।

