खैरागढ़/ठेलकाडीह। संत बाबा गुरु घासीदास जी शासकीय नवीन महाविद्यालय, ठेलकाडीह के स्वीकृत भवन के शीघ्र निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्र में जनआंदोलन का स्वर तेज हो गया है। महाविद्यालय भवन निर्माण में वर्षों की देरी से नाराज ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने 10 और 11 अगस्त को मिनीमाता चौक, ठेलकाडीह में दो दिवसीय उपवास का ऐलान किया है। आंदोलन का नेतृत्व पूर्व विधायक भूनेश्वर शोभाराम बघेल करेंगे। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र के बच्चों के भविष्य और शिक्षा के अधिकार की लड़ाई है। 10 अगस्त सोमवार को सुबह 11 बजे से शुरू होने वाला उपवास 11 अगस्त, मंगलवार को शाम 6 बजे तक चलेगा। आंदोलन का मुख्य संदेश है। यह कार्यक्रम किसी पार्टी का नहीं हमारे बच्चों के भविष्य का है। हम जागरूक हैं, एकजुट हैं और अपने अधिकार के लिए संघर्ष करेंगे। संत बाबा गुरु घासीदास जी शासकीय नवीन महाविद्यालय, ठेलकाडीह की स्थापना 19 जून 2018 को हुई थी। महाविद्यालय शुरू हुए छह वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक इसका स्थायी भवन नहीं बन सका है। इसके बावजूद यह महाविद्यालय क्षेत्र के उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन चुका है। महाविद्यालय से 40 गांवों के विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें डूमरडीहकला, पचपेड़ी, गातापार खुर्द, खुडमुड़ी, बुंदेलीकला, बुंदेली खुर्द, चवेली, खपरी खुर्द, दैहान (सेम्हरा), महरूमकला, महरूम खुर्द, मरकामटोला, तुलसीपुर, सिंगारपुर, छछानपहरी, ढाबा, भैंसातरा, कुंवारझोरकी, अमलीडीह, घोटिया, बल्देवपुर, विचारपुर, खैरा, चारभाठा, गातापार कला, सिरसाही, शिकारीटोला, सेम्हरा, पदुमतरा, मुढ़िया, मोहारा, कोटरीछापर, खैरा (बाटगांव), नागलदाह, धौराभाठा, डोम्हाटोला, रंगाकठेरा (बखत), खुर्सीपार, मोहबा और बासुला जैसे गांव शामिल हैं। महाविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती रही है। सत्र 2018-19 में 181 नियमित विद्यार्थियों से शुरुआत हुई। 2019-20 में 204 नियमित और 35 अमहाविद्यालयीन परीक्षार्थियों सहित कुल 239 विद्यार्थी रहे। 2020-21 में 356, 2021-22 में 398 नियमित व 98 अमहाविद्यालयीन सहित कुल 496, 2022-23 में 418 नियमित व 155 अमहाविद्यालयीन सहित कुल 573, 2023-24 में 362 नियमित व 150 अमहाविद्यालयीन सहित कुल 512 तथा 2024-25 में 353 नियमित और 81 अमहाविद्यालयीन सहित कुल 434 विद्यार्थी अध्ययनरत रहे। यह आंकड़े बताते हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद महाविद्यालय क्षेत्र के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। पूर्व विधायक भूनेश्वर शोभाराम बघेल ने कहा कि वर्ष 2023 में राज्य शासन ने महाविद्यालय भवन निर्माण कार्य को बजट में शामिल करते हुए लगभग 4 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की थी, लेकिन आज तक भवन की नींव तक नहीं रखी गई है। उन्होंने कहा कि बजट स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होना क्षेत्र के विद्यार्थियों के साथ अन्याय है। वर्षों से अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाई करने को मजबूर छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता और विद्यार्थियों के भविष्य का आंदोलन है। यदि स्वीकृत भवन का निर्माण शीघ्र प्रारंभ नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन और तेज करेंगे। पूर्व विधायक ने क्षेत्र के नागरिकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से 10 एवं 11 अगस्त को आयोजित दो दिवसीय उपवास में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर शिक्षा के अधिकार की इस लड़ाई को मजबूत बनाने की अपील की है।
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