खैरागढ़। मुख्यमंत्री के विजन सही दवा, शुद्ध आहारयही छत्तीसगढ़ का आधार के तहत जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है लेकिन इस अभियान की प्रभावशीलता पर अब सवाल भी खड़े होने लगे हैं। शुक्रवार 1 मई को अभियान के पांचवें दिन अतरिया बाजार में संयुक्त टीम ने सघन छापेमारी कर कई दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए और एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक्स को मौके पर नष्ट कराया। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक कुमार घृतलहरे के नेतृत्व में टीम ने मेसर्स भवानी बीकानेर स्वीट्स से कलाकंद, मेसर्स वर्मा किराना स्टोर्स से नमकीन और मारवाड़ी महावीर चुस्की सेंटर से ‘रेड रोज फ्लेवर’ चुस्की का सैंपल लिया। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। कार्रवाई के दौरान मेसर्स वर्मी बेकरी में भारी मात्रा में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक्स मिलने पर टीम ने पूरी खेप को मौके पर ही नष्ट करा दिया। विभाग ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए बड़ी कार्रवाई बताया।
15 दिन के अभियान में दर्जनों जांच, लाखों का जुर्माना
27 अप्रैल से चल रहे इस विशेष अभियान के तहत अब तक 50 से अधिक दुकानों, होटल और स्ट्रीट फूड वेंडर्स की जांच की जा चुकी है। पूर्व में नटराज हाईवे होटल, सिन्हा होटल सहित कई प्रतिष्ठानों पर अवमानक खाद्य सामग्री और बिना लाइसेंस संचालन के लिए लाखों रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। साथ ही 10 बड़े होटलों को वॉटर टेस्ट और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी में गन्ना रस और चाट सेंटर रडार पर
भीषण गर्मी को देखते हुए गन्ना रस, जूस और चाट सेंटरों की स्वच्छता पर विशेष फोकस किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कई विक्रेताओं को लाइसेंस और पंजीयन कराने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी गई कि गंदगी या बिना ढके खाद्य पदार्थ बेचने पर दुकान सील कर दी जाएगी।
जनता का सवाल: सैंपलिंग के बाद कार्रवाई कब?
हालांकि इन कार्रवाइयों के बीच स्थानीय लोगों में नाराजगी भी साफ नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि हर बार सैंपल लिए जाते हैं छापेमारी होती है और फोटो खिंचवाकर कार्रवाई का दावा किया जाता है लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर ठोस कार्रवाई शायद ही कभी देखने को मिलती है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन केवल औपचारिकता निभाने के बजाय पारदर्शी तरीके से कार्रवाई के परिणाम भी सार्वजनिक करे और दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों पर सख्त कदम उठाए ताकि मिलावटखोरी पर वास्तव में लगाम लग सके।


