खैरागढ़। जिले में सुशासन को मजबूत करने और विकास योजनाओं की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने व्यापक रणनीति तैयार की है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने गुरुवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में सुशासन तिहार 2026 और जनगणना 2027 को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि दोनों पहलें शासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकेंद्रित प्रशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रेस वार्ता में जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल, अपर कलेक्टर सुरेंद्र ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर रेणुका रात्रे, सीएमओ पुनीत राम वर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं पत्रकार उपस्थित रहे।
सुशासन तिहार: घर-घर पहुंचेगा प्रशासन
कलेक्टर ने बताया कि सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से प्रशासन सीधे जनता तक पहुंचेगा और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। 30 अप्रैल तक जिले की 221 ग्राम पंचायतों में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं के आवेदनों का संतृप्तिकरण किया जा चुका है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करना है।
19 शिविरों में होगा जनसमस्याओं का समाधान
अभियान के तहत जिले में कुल 19 जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 13 और शहरी क्षेत्रों में 6 प्रमुख शिविर लगाए जाएंगे, जो 1 मई से 10 जून 2026 के बीच संचालित होंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे।
पिछले वर्ष 96,582 आवेदनों का हुआ निराकरण
कलेक्टर ने बताया कि बीते वर्ष प्राप्त 96,582 आवेदनों का सफल निराकरण किया जा चुका है। इस वर्ष भी अभियान के दौरान मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री एवं राज्य स्तरीय अधिकारियों का औचक निरीक्षण होगा तथा जिला स्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।
थीम आधारित शिविरों से बढ़ेगी जवाबदेही
इस वर्ष शिविरों को थीम आधारित बनाया गया है, जिससे विभागवार समस्याओं का बेहतर और त्वरित समाधान संभव होगा। प्रत्येक शिविर के लिए एक नोडल विभाग निर्धारित किया गया है, जिससे समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
एक माह में निराकरण, सतत निगरानी
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण किया जाएगा। आवेदकों को उनकी शिकायत की स्थिति से अवगत कराना अनिवार्य होगा। साथ ही पूरे अभियान की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी और वरिष्ठ अधिकारी फील्ड विजिट कर जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे।
जनगणना 2027: डिजिटल माध्यम से होगी गणना
प्रेस वार्ता में जनगणना 2027 की तैयारियों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। कलेक्टर ने बताया कि प्रथम चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र करेंगे। जिले में 696 प्रगणक और 117 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जबकि अतिरिक्त रूप से 10 प्रतिशत रिजर्व बल भी रखा गया है।
HLO ऐप से रियल टाइम मॉनिटरिंग
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। प्रगणक HLO मोबाइल ऐप के जरिए डेटा संग्रह करेंगे, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे डेटा की सटीकता बढ़ेगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
विकास की आधारशिला है जनगणना
कलेक्टर ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि विकास योजनाओं की आधारशिला है। इसके आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाई जाती है। जनगणना का द्वितीय चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा, जिसमें जनसंख्या की गणना की जाएगी।
नागरिकों से सहयोग की अपील
कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की कि वे प्रगणकों को सही और स्पष्ट जानकारी प्रदान करें और प्रशासन के इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार और जनगणना जैसे अभियान प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ विकास को नई दिशा देंगे।

