खैरागढ़। जिले में लंबे समय से फर्जी मेडिकल रिपोर्ट के सहारे संचालित हो रहे बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने सेंटर पर छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान सामने आया कि यहां बड़ी संख्या में संदिग्ध और फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की जा रही थीं, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा था। जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि डॉ. प्रदीप कुमार द्वारा 30 जून 2023 को पद छोड़ने के बाद भी उनके नाम और हस्ताक्षर का उपयोग कर रिपोर्ट जारी की जा रही थीं। इस खुलासे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। इस घटना ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं आखिर इतने लंबे समय तक यह गतिविधियां कैसे चलती रहीं? क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं थी, या निगरानी व्यवस्था में कहीं न कहीं चूक हुई सूत्रों के अनुसार यह मामला केवल एक सेंटर तक सीमित नहीं हो सकता। आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह की गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है, जिसे लेकर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। फिलहाल इस कार्रवाई से आम लोगों में भरोसा जरूर बढ़ा है, लेकिन अब यह देखना अहम होगा कि संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे कितनी सख्ती बरती जाती है और क्या इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जाएगी।
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