खैरागढ़। प्रदेश में बढ़ती महंगाई, किसानों की बदहाली बिगड़ती कानून व्यवस्था और खुलेआम चल रहे अवैध कारोबार को लेकर अब सरकार और प्रशासन दोनों पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व सांसद प्रतिनिधि एवं विधायक प्रतिनिधि कपिनाथ महोबिया ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विष्णु के सुशासन के दावों के बीच किसान सबसे ज्यादा परेशान है। महोबिया ने कहा कि आगामी 10 से 15 दिनों में खेती-किसानी का कार्य शुरू होने वाला है लेकिन किसान आज खाद और बीज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। समय पर खाद-बीज नहीं मिलने से किसानों में भारी चिंता का माहौल है जबकि सरकार सिर्फ विज्ञापन और दावों में व्यस्त दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि देश में लगातार महंगाई बढ़ रही है।पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम जनता और किसान दोनों की कमर टूट चुकी है। महोबिया ने सवाल उठाते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल तो विदेशों से आता है लेकिन खाने का तेल हमारे ही प्रदेश और देश में उत्पादित होता है। फल्ली और सोयाबीन की भरपूर पैदावार के बावजूद खाद्य तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होना सरकार की नाकामी को दर्शाता है। इधर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी विपक्ष हमलावर है। रायपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के साथ हुई लूटपाट की घटना को लेकर महोबिया ने कहा कि जब भाजपा के बड़े नेता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया लेकिन जनता के मन में असुरक्षा और भय का माहौल बना हुआ है।खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जिला बनने के बाद भी लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। आम जनता छोटे-छोटे कामों के लिए भटक रही है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी दावे करने में लगे हैं। वहीं जिले में लगातार संचालित हो रहे अवैध ईंट भट्ठों को लेकर भी ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। कई गांवों के लोगों ने ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया लेकिन अब तक किसी भी भट्ठे पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि रिहायशी इलाकों के बीच चल रहे इन अवैध भट्ठों से प्रदूषण फैल रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब लगातार शिकायतों और ज्ञापनों के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही, तो साफ जाहिर होता है कि इस पूरे खेल में ऊपर तक सांठगांठ है। अवैध कारोबार से मोटी रकम वसूली कर अपने आकाओं तक पहुंचाने का खेल चल रहा है जिसके कारण प्रशासन आंख मूंदकर बैठा हुआ है। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर नियम-कानून सिर्फ आम जनता के लिए ही क्यों हैं? जिले में धड़ल्ले से चल रहे अवैध ईंट भट्ठों पर कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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