
खैरागढ़। झीरम घाटी नक्सली हमला की 13वीं बरसी पर सोमवार शाम 7 बजे शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा जय स्तंभ चौक में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर झीरम घाटी हमले में शहीद हुए नेताओं और जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया। श्रद्धांजलि सभा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने झीरम घाटी हमले को लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला बताते हुए कहा कि घटना के 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल पाया है। नेताओं ने कहा कि आज तक झीरम कांड की पूरी सच्चाई सामने नहीं आई और हमले के मास्टरमाइंड भी बेनकाब नहीं हो सके हैं। शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरुण भारद्वाज ने कहा कि झीरम घाटी की घटना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक काला अध्याय है। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और जवानों ने अपनी जान गंवाई थी, जिन्हें प्रदेश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि शहीदों के सम्मान और न्याय की लड़ाई लगातार जारी रहेगी। जिला महामंत्री मिहिर झा ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं से दो मिनट का मौन रखने की अपील की। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद नेताओं ने कहा कि आज भी पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं और झीरम कांड की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा बस्तर से लौट रही थी। इसी दौरान दरभा क्षेत्र के झीरम घाटी में नक्सलियों ने एंबुश लगाकर हमला कर दिया था। इस हमले में बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल सहित कई वरिष्ठ नेताओं और जवानों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। कार्यक्रम में शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरुण भारद्वाज, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप सिरमौर, नगर पालिका उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान, नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन, जिला महामंत्री आकाशदीप सिंह गोल्डी, मिहिर झा, विजय वर्मा, सुबोध पांडे, किशन रजक, महेश यादव, पुरुषोत्तम वर्मा, दयाराम पटेल, मोहित भोडेंकर, दयालु वर्मा, मनसाराम सिमकर, कन्हैया, हरिदर्शन, अल्ताफ अली, संतोष वर्मा, कोमल वर्मा, कृष्णा यादव, अरुण वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


