पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देने पर आपत्ति, पुत्र लक्षित यादव को नौकरी देने की मांग; सीसीटीवी फुटेज समेत कई बिंदुओं की जांच का आग्रह
खैरागढ़। छुईखदान थाने में पदस्थ रहे प्रधान आरक्षक शीतल यादव की 6 जून 2026 को हुई आत्महत्या का मामला अब अनुकंपा नियुक्ति के साथ-साथ निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर भी चर्चा में है। मृतक के माता-पिता पुनीत राम यादव और चंपा यादव ने कलेक्टर, खैरागढ़ के नाम आवेदन देकर अपने पुत्र की मौत को लेकर संदेह जताया है। उन्होंने घटना की गहन एवं निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने तथा उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। साथ ही मृतक की पत्नी सती यादव को अनुकंपा नियुक्ति न देकर उनके नाबालिग पुत्र लक्षित यादव के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे अनुकंपा नियुक्ति देने का आग्रह किया है। हालांकि, आत्महत्या के कारणों और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मृतक के माता-पिता के अनुसार, शीतल यादव पुलिस विभाग में प्रधान आरक्षक के पद पर छुईखदान थाने में पदस्थ थे। 6 जून को वे ड्यूटी पर उपस्थित थे और ड्यूटी समाप्त होने के बाद खैरागढ़ स्थित अपने घर लौटे थे। उसी रात उन्होंने घर के हॉल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को घटना की जानकारी अगले दिन करीब सुबह 5 बजे फोन के माध्यम से मिली। आवेदन में कहा गया है कि घटना के समय शीतल यादव का पुत्र लक्षित यादव अपने दादा-दादी के साथ ग्राम तिरगा में था।
बेटे को फोन कर सुबह बुलाने की बात पर भी सवाल
परिजनों ने आवेदन में बताया कि घटना की रात करीब 8 बजे लक्षित यादव फोन पर रोने लगा था। पूछने पर उसने बताया कि उसके पिता ने उसे अगले दिन सुबह खैरागढ़ आने के लिए कहा था। परिजनों का कहना है कि इस घटनाक्रम को लेकर भी वे स्पष्टता चाहते हैं कि शीतल यादव ने बेटे को सुबह क्यों बुलाया था और घटना से पहले उनके बीच क्या बातचीत हुई थी। मृतक के माता-पिता ने पत्नी सती यादव के कथित बयानों और सीसीटीवी फुटेज के बीच अंतर होने का दावा भी किया है। आवेदन के मुताबिक, सती यादव ने पुलिस को बताया कि शीतल यादव करीब रात 12 बजे ड्यूटी से घर आए थे, जबकि परिजनों का दावा है कि वे रात 9 से 10 बजे के बीच घर पहुंच गए थे।
सुबह चार बजे घटना देखने के बयान पर भी उठाया सवाल
शिकायत में यह भी कहा गया है कि सती यादव के कथित बयान के अनुसार उन्होंने सुबह करीब 4 बजे उठकर शीतल यादव को देखा था। वहीं, परिजनों का दावा है कि घर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में सती यादव रात के समय घर के बाहर आती-जाती दिखाई दे रही हैं। परिजनों ने कहा है कि उनके पास सीसीटीवी रिकॉर्ड उपलब्ध है और इसकी जांच से घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सकता है।परिजनों ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने तथा घटना की रात घर में मौजूद लोगों की गतिविधियों की भी जांच कराने की मांग की है।
पत्नी के मायके जाने और वापस लौटने की अवधि भी जांच के दायरे में
आवेदन में बताया गया है कि घटना से पहले 27 अप्रैल को सती यादव अपने मायके गई थीं। शीतल यादव उन्हें वापस लाने के लिए 17 मई को गए थे, लेकिन कथित तौर पर उसी दिन पत्नी वापस नहीं आईं और 20 मई को खैरागढ़ लौटीं। मृतक के माता-पिता का कहना है कि 17 से 20 मई के बीच मायके में क्या हुआ, दोनों के बीच क्या बातचीत हुई अथवा कोई विवाद हुआ था या नहीं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि आत्महत्या की घटना से पहले के इन घटनाक्रमों की भी जांच की जानी चाहिए। परिजनों ने यह भी कहा है कि शीतल यादव और सती यादव के बीच कथित रूप से मनमुटाव था। उनका दावा है कि शीतल यादव ने कभी-कभी फोन पर पत्नी द्वारा उनके साथ नहीं रहने अथवा साथ रखने से संबंधित बातें बताई थीं। आवेदन में यह आरोप भी लगाया गया है कि मृतक की पत्नी उनके खान-पान और पारिवारिक देखभाल पर पर्याप्त ध्यान नहीं देती थीं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अंतिम संस्कार के बाद घर की चाबी मांगकर जाने का भी जिक्र
मृतक के माता-पिता के मुताबिक, शीतल यादव के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार एवं अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए उनके गृह ग्राम तिरगा, जिला दुर्ग लाया गया था। कार्यक्रम के बाद परिवार के लोगों ने सती यादव से घटना के कारणों के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन उनके अनुसार उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। परिजनों का कहना है कि कार्यक्रम के करीब तीन दिन बाद सती यादव अपनी बड़ी बहन के घर फुलझर चली गईं और खैरागढ़ स्थित उस घर की चाबी भी मांगकर ले गईं, जहां शीतल यादव ने आत्महत्या की थी।मृतक के माता-पिता का कहना है कि उन्होंने सती यादव के माता-पिता से दो-चार दिन बाद सती यादव को तिरगा भेजने के लिए कहा था, ताकि परिवार के लोग खैरागढ़ स्थित घर जाकर शांति पूजा कर सकें। लेकिन उनके अनुसार सती यादव वापस तिरगा नहीं आईं।
पड़ोसियों से मिली जानकारी की भी जांच की मांग
आवेदन में मृतक के माता-पिता ने पड़ोसियों से मिली कथित जानकारी का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, सती यादव तीन लड़कों और पांच महिलाओं के साथ खैरागढ़ स्थित घर पहुंचीं। उस समय घर में ताला लगा था और कथित तौर पर गेट से अंदर प्रवेश किया गया। पड़ोसियों द्वारा ताला खोलने या तोड़ने के संबंध में पूछे जाने पर सती यादव ने कथित तौर पर पुलिस के पास जाने और अनुमति के बाद घर का ताला खोलने की बात कही थी। परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम की भी पुलिस जांच कराने की मांग की है।
अनुकंपा नियुक्ति को लेकर परिवार में विवाद
शिकायत का एक प्रमुख मुद्दा शीतल यादव की अनुकंपा नियुक्ति भी है। मृतक के माता-पिता ने कहा है कि उनकी इच्छा है कि अनुकंपा नियुक्ति उनकी पत्नी सती यादव को न देकर उनके पुत्र लक्षित यादव को दी जाए। उनका तर्क है कि लक्षित यादव मृतक का पुत्र है और उसके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उसे अनुकंपा नियुक्ति दी जानी चाहिए। मृतक के माता-पिता का कहना है कि शीतल यादव उनके बुढ़ापे का सहारा थे और उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी उन्हीं की थी। आवेदन में उन्होंने आशंका जताई है कि यदि उनकी अनुपस्थिति में सती यादव को अनुकंपा नियुक्ति दी जाती है तो वे अपने हितों और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने मांग की है कि नियुक्ति से पहले उन्हें बुलाकर उनका पक्ष भी सुना जाए। साथ ही परिवार की ओर से यह मांग की गई है कि पेंशन का लाभ सती यादव को दिया जा सकता है, लेकिन अनुकंपा नियुक्ति मृतक के पुत्र लक्षित यादव को दी जाए, ताकि उसका भविष्य सुरक्षित हो सके।
एसपी कार्यालय में आवेदन नहीं लेने का आरोप
मृतक के भाई भानुप्रताप यादव ने बताया कि परिवार इस मामले को लेकर पिछले काफी समय से पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मौखिक रूप से अपनी शिकायत और संदेह व्यक्त करता रहा है। उनका दावा है कि उन्होंने लिखित आवेदन देने का भी प्रयास किया, लेकिन एसपी कार्यालय में उनका आवेदन नहीं लिया गया। इसके बाद परिवार ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम लिखित आवेदन सौंपा। भानुप्रताप यादव के मुताबिक, कलेक्टर को आवेदन दिए करीब 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक परिवार को किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। परिवार अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपनी शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहा है।
जांच से ही सामने आएगा वास्तविक घटनाक्रम
परिजनों ने कलेक्टर से मांग की है कि 6 जून की रात शीतल यादव के घर पहुंचने के समय, परिवार के सदस्यों की गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाए। साथ ही घटना से पहले दोनों पति-पत्नी के बीच हुए विवाद या बातचीत, सती यादव के मायके जाने और लौटने की परिस्थितियों तथा घटना के बाद घर में प्रवेश से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएं। मृतक के माता-पिता का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि अपने पुत्र की मौत की परिस्थितियों को लेकर उठे सवालों का निष्पक्ष जवाब पाना है। उन्होंने कलेक्टर से पूरे मामले की गहन जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।फिलहाल आत्महत्या के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और परिजनों द्वारा लगाए गए संदेह में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

