खैरागढ़। ग्राम कटंगी में शीतलाल निर्मलकर से जुड़े सामाजिक बहिष्कार प्रकरण को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित हस्तक्षेप किया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) की संयुक्त उपस्थिति में ग्राम पंचायत भवन में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम सरपंच, पंचगण, निर्मलकर समाज के प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति या परिवार का सामाजिक बहिष्कार, दबाव बनाना या सामुदायिक भेदभाव करना कानूनन दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा कि गांव की शांति और सामाजिक समरसता से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के विवाद या मतभेद की स्थिति में कानून हाथ में लेना उचित नहीं है। समस्याओं का समाधान संवाद, आपसी सहमति तथा पंचायत और प्रशासनिक माध्यमों से ही किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों की बात गंभीरता से सुनते हुए आपसी समझ और सहयोग से विवाद सुलझाने पर जोर दिया।बैठक में ग्राम सरपंच एवं समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। ग्रामीणों ने भी गांव में भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखने का संकल्प दोहराया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और किसी भी अवांछित गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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