4 महीने बीमारी में छुट्टी पर था, खाते में आती रही तनख्वाह… अधिकारियों ने हर महीने 7 हजार रुपये लिए — करण वर्मा
खैरागढ़। नगर पालिका परिषद खैरागढ़ में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारी एवं स्वच्छता कमांडो द्वारा लगाए गए शोषण और प्रताड़ना के आरोपों के बीच अब वेतन गड़बड़ी और अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। कर्मचारी करण वर्मा ने नगर पालिका के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बीमारी के दौरान छुट्टी पर रहने के बावजूद उसके खाते में हर महीने वेतन आता रहा, लेकिन अधिकांश रकम अधिकारियों द्वारा ले ली जाती थी। करण वर्मा ने बताया कि वह पिछले 4 महीने से बीमार होने के कारण छुट्टी पर था। इस दौरान नगर पालिका की ओर से उसके बैंक खाते में नियमित वेतन जमा होता रहा, लेकिन नगर पालिका के सफाई दरोगा टोडर सिंह और सफाई सुपरवाइजर पंचलाल डग्गर हर महीने उससे 7 हजार रुपये मांगते थे और केवल 1 हजार रुपये ही उसके पास रहने देते थे। करण का आरोप है कि लगातार 4 महीने तक उससे यह रकम ली गई। इस हिसाब से कुल 28 हजार रुपये अधिकारियों द्वारा लिए गए, जबकि उसे मात्र 4 हजार रुपये ही मिले। करण वर्मा ने इसे खुला शोषण बताते हुए कहा कि बीमारी और आर्थिक तंगी के बीच भी उससे पैसों की मांग की जाती रही। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इधर नगर पालिका के प्लेसमेंट कर्मचारियों द्वारा पहले से ही 8 घंटे की जगह 12 घंटे काम कराने, वेतन काटने, मानसिक प्रताड़ना देने और नौकरी से निकालने की धमकी जैसे आरोप लगाए जा चुके हैं। अब वेतन वसूली के नए आरोप सामने आने के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या होगी बड़ी कार्रवाई या फिर खानापूर्ति?
नगर पालिका में लगातार सामने आ रहे आरोपों के बाद अब शहर में यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस मामले में वास्तव में कोई बड़ी कार्रवाई होगी या हर बार की तरह जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति कर मामला दबा दिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो शोषण का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने वेतन भुगतान और प्लेसमेंट व्यवस्था की जांच करवाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं सफाई दरोगा टोडर सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जो आरोप लगाया जा रहा है वह पूरी तरह गलत है। मुझे इस संबंध में किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है।


