खैरागढ़। मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत खैरागढ़ ब्लॉक के विभिन्न गांवों में कांग्रेस द्वारा जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में ग्राम कांचरी, संडी एवं लिमतरा में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कोमल साहू, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप सिरमौर, देवेन्द्र तोड़े व मनोहर सेन सहित अन्य पदाधिकारी मजदूरों के बीच पहुंचे और उनसे संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने मजदूरों के साथ बैठकर मनरेगा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और योजना के महत्व की जानकारी दी। खास बात यह रही कि जनप्रतिनिधियों ने केवल संवाद ही नहीं किया बल्कि मजदूरों के साथ काम में भी हाथ बटाया और उनके साथ मिट्टी फेंककर श्रमदान किया। इससे मजदूरों में उत्साह देखा गया और उन्होंने अपनी समस्याएं भी खुलकर साझा कीं। पदाधिकारियों ने बताया कि लगभग 20 वर्ष पूर्व डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार द्वारा लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा ने ग्रामीण परिवारों को रोजगार का कानूनी अधिकार दिया। इस योजना के तहत देशभर में करोड़ों कार्यदिवस

सृजित हुए और गांवों में तालाब, सड़क सहित कई विकास कार्य हुए। कोविड-19 महामारी के दौरान भी मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा साबित हुआ। इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे बदलावों से मनरेगा की मूल भावना प्रभावित हो सकती है जिससे मजदूरों के काम और मजदूरी के अधिकार पर असर पड़ने की आशंका है। जिला अध्यक्ष कोमल साहू ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूर परिवारों की सुरक्षा की मजबूत ढाल है और इसके अधिकारों को कमजोर करने से गांव के मेहनतकश लोगों पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में खैरागढ़ ब्लॉक के अन्य गांवों में भी जनसंपर्क अभियान जारी रहेगा ताकि ग्रामीणों को योजना से जुड़े बदलावों और उनके अधिकारों की जानकारी दी जा सके। कार्यक्रम में डोमर सिंह, रामकुमार जांगड़े, हिरालाल वर्मा, पिंटू जोशी, नारायण देवांगन, बसंत साहू, गौतम बंजारे, दीपक वर्मा, परमेश वर्मा, हरिलाल वर्मा सरपंच, ईग्लेश वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

