बिलासपुर. बिलासपुर जिले के लोकप्रिय जननेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि सत्य को परेशान किया जा सकता है लेकिन पराजित नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15–20 वर्षों से कुछ आदतन शिकायतकर्ता उनके तथा उनके परिवार की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से लगातार झूठी शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन हर बार जांच में वे निराधार साबित हुई हैं। श्री श्रीवास ने कहा कि उनके जनहित और समाजसेवी कार्यों से असहज कुछ लोग सुनियोजित साजिश के तहत अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने और न ही उनके परिवार ने कभी कोई गलत कार्य किया है। बावजूद इसके बार-बार झूठे परिवाद दायर कर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लगाए गए एक परिवाद पर माननीय न्यायालय द्वारा मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 192 के तहत जांच के निर्देश दिए गए हैं। यह धारा केवल बिना पंजीयन वाहन चलाने से संबंधित है, जिसमें ₹2000 से ₹5000 तक का अर्थदंड का प्रावधान है। न्यायालय द्वारा किसी भी प्रकार के आपराधिक प्रकरण या BNS के तहत अपराध दर्ज करने के आदेश नहीं दिए गए हैं।
त्रिलोक श्रीवास ने कहा कि न्यायालय के आदेशानुसार जांच होगी और वे पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे। अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से जानबूझकर अफवाह और दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है, लेकिन इससे न तो उनका मनोबल टूटा है और न ही उनका जनाधार कम हुआ है, बल्कि जनता का विश्वास लगातार और मजबूत हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2022 में भी इन्हीं व्यक्तियों द्वारा पुलिस अधीक्षक बिलासपुर एवं प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की गई थी, जिसकी पुलिस थाना कोनी और पुलिस अधीक्षक स्तर पर दो बार जांच हुई और शिकायतें झूठी पाई गईं। इसके समर्थन में जांच रिपोर्ट की प्रतियां भी उन्होंने प्रस्तुत की हैं।
श्री श्रीवास ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से छवि खराब करने के मामलों में उन्होंने पूर्व में पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस महानिरीक्षक को शिकायत दी है, साथ ही माननीय न्यायालय में मानहानि के प्रकरण भी दायर किए गए हैं, जिनके संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ मिलकर कुछ लोग लंबे समय से उनके परिवार, सहयोगियों और समर्थकों को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हर बार सत्य की ही जीत हुई है।

